MP छात्रों के लिए बड़ी खबर: अब रजिस्टर में नहीं, ‘सार्थक ऐप’ पर लगेगी हाजिरी - Madhya Pradesh Teachers News

बुधवार, 31 दिसंबर 2025

MP छात्रों के लिए बड़ी खबर: अब रजिस्टर में नहीं, ‘सार्थक ऐप’ पर लगेगी हाजिरी


MP कॉलेज छात्रों के लिए बड़ी खबर: अब रजिस्टर में नहीं, ‘सार्थक ऐप’ पर लगेगी हाजिरी



भोपाल: मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अगर आप कॉलेज स्टूडेंट हैं या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़े बदलावों की घोषणा की है।

1. अब 'सार्थक ऐप' से लगेगी छात्रों की अटेंडेंस

सालों से चली आ रही रजिस्टर पर पेन से हाजिरी लगाने की परंपरा अब खत्म होने जा रही है। मंत्री इंदर सिंह परमार ने साफ कर दिया है कि अगले साल से (आगामी सत्र) सभी कॉलेजों में विद्यार्थियों की हाजिरी ‘सार्थक ऐप’ (Sarthak App) के माध्यम से लगाई जाएगी।

इसका क्या मतलब है?

 * फर्जी हाजिरी पर रोक: अक्सर छात्र कॉलेज आए बिना ही दोस्तों से अपनी प्रॉक्सी अटेंडेंस लगवा लेते थे। ऐप के जरिए जियो-टैगिंग या बायोमेट्रिक सिस्टम होने से केवल क्लास में मौजूद छात्र की ही हाजिरी लगेगी।

 * रियल टाइम डेटा: सरकार और यूनिवर्सिटी के पास हर दिन का डेटा होगा कि कितने छात्र कॉलेज आ रहे हैं।

 * प्रोफेसर्स पर भी नजर: यह सिस्टम सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि स्टाफ की नियमितता जांचने में भी मदद करेगा।

2. रोजगार की बहार: 2,197 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी

बेरोजगार युवाओं और नेट/सेट (NET/SET) पास उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है।

 * पिछला रिकॉर्ड: लोक सेवा आयोग (MPPSC) के जरिए वर्ष 2022 में 2,053 पदों पर भर्तियां पूरी की जा चुकी हैं।

 * वर्तमान स्थिति: अभी 2,197 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर, लाइब्रेरियन और स्पोर्ट्स ऑफिसर जैसे पद शामिल हो सकते हैं।

 * फायदा: इससे कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और पढ़ाई का स्तर सुधरेगा।

3. रिसर्च के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा

मंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी पीजी (Post Graduate) कॉलेजों में रिसर्च सेंटर खोले जाएंगे।

अभी तक पीएचडी या रिसर्च करने के लिए छात्रों को बड़ी यूनिवर्सिटीज या दूसरे शहरों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब आपके नजदीकी पीजी कॉलेज में ही रिसर्च की सुविधा मिलने से समय और पैसा दोनों बचेगा। यह नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत उठाया गया कदम है।

4. तकनीकी शिक्षा: इंजीनियरिंग/पॉलिटेक्निक में बढ़ा रुझान

रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी शिक्षा (Technical Education) में छात्रों की रुचि वापस लौटी है। ऑनलाइन काउंसलिंग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या में 25.99% की बढ़ोतरी हुई है।

 * डिजिटल सेल: सभी सरकारी तकनीकी संस्थानों (इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों) में अब एक 'डिजिटल सेल' का गठन किया जाएगा, जो छात्रों को कोडिंग, एआई और नई तकनीकों से जोड़ेगा।

5. आयुष विभाग: 8 नए आयुर्वेद कॉलेज और वेलनेस सेंटर

कोरोना के बाद आयुर्वेद की मांग बढ़ी है, जिसे देखते हुए सरकार ने बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया है:

नए आयुर्वेद कॉलेज कहाँ खुलेंगे?

 * वर्ष 2024-25: नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट और सागर।

 * वर्ष 2025-26: झाबुआ, शुजालपुर और डिंडोरी।

पर्यटन के साथ इलाज (Wellness Tourism):

उज्जैन में एक विशाल 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान' की स्थापना होगी। इसके अलावा खजुराहो, पचमढ़ी और उज्जैन समेत 12 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' बनाए जाएंगे। इसका मकसद टूरिस्ट्स को एमपी की ओर आकर्षित करना है।

निष्कर्ष

सरकार का यह रिपोर्ट कार्ड बताता है कि आने वाला साल मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए "डिजिटल" और "रोजगार-उन्मुख" होने वाला है। जहां एक तरफ 'सार्थक ऐप' छात्रों को अनुशासित करेगा, वहीं नई भर्तियां और रिसर्च सेंटर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएंगे।


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