बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र - प्रश्न और व्याख्या सहित उत्तर " पेपर - 2" "महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर क्रमांक - 02"
उत्तर: (2) प्रसवपूर्व अवस्था
व्याख्या: विकास निरंतर और जीवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है। यह प्रसवपूर्व अवस्था अर्थात् शिशु के जन्म के पहले की गर्भावस्था से आरंभ होता है और व्यक्ति की मृत्यु के साथ समाप्त होता है। इसमें व्यक्ति का संपूर्ण जीवन-काल शामिल है।
प्रश्न 2. मानव विकास को इन क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है-
उत्तर: (4) शारीरिक, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और सामाजिक
व्याख्या: मानव विकास के प्रमुख क्षेत्र हैं—शारीरिक, बौद्धिक (संज्ञानात्मक), संवेगात्मक, (भावात्मक), नैतिक, सौंदर्यात्मक और सामाजिक विकास।
प्रश्न 3. नैतिक विकास को समझने में एक महत्वपूर्ण अवधारणा समावेशन है, किसने कहा है?
उत्तर: (1) कोहलबर्ग
व्याख्या: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता विकास की सार्थक समावेशी समझ पैदा करती है जो कि आंतरिक मानकों व सिद्धांतों द्वारा नियंत्रित होता है।
प्रश्न 4. बाल विकास की किस अवस्था में बालक का आकर्षण विषमलिंगी के प्रति अधिक हो जाता है?
उत्तर: (3) किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था विकास तथा समायोजन का वह समय है जो बचपन तथा प्रौढ़ अवस्था में अन्तरकालीन समय होता है। किशोर-किशोरियों में इसी अवस्था में एक-दूसरे के प्रति बहुत आकर्षण उत्पन्न होता है।
प्रश्न 5. निम्न में से कौन-सा विकास का सिद्धान्त नहीं है?
उत्तर: (1) विशिष्ट से सामान्य क्रियाओं का सिद्धान्त
व्याख्या: सामान्य से विशिष्ट की ओर का सिद्धान्त चिंतन-तर्क से सम्बद्ध है। बालक पहले सामान्य वस्तुएँ और बाद में विशिष्ट या विशेष बातें सीखता है। उदाहरण के लिए शब्दावली का निर्माण करने में बालक पहले सामान्य शब्द और बाद में विशिष्ट शब्द सीखता है।
प्रश्न 6. पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास के किस चरण पर बालक ‘वस्तु निष्पादन’ को प्रदर्शित करता है?
उत्तर: (4) मूर्त संक्रियात्मक चरण
व्याख्या: इस अवस्था की एक विशेषता है बालक की वस्तुओं को वर्गीकृत करने, समूह बनाने तथा उन्हें क्रमिक रूप से व्यवस्थित करने एवं उनके बीच संबंध को समझने में समर्थ हो जाता है।
प्रश्न 7. बच्चों के बौद्धिक विकास के चार विशिष्ट चरणों को प्रतिपादित किया गया-
उत्तर: (4) पियाजे द्वारा
व्याख्या: जीन पियाजे के बौद्धिक विकास की अवधारणा की चार अवस्थाएँ हैं : (1) ज्ञानेन्द्रियगामक अवस्था (2) पूर्व क्रियात्मक अवस्था (3) मूर्त क्रियात्मक अवस्था (4) औपचारिक क्रियात्मक अवस्था।
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से किस चरण में बच्चे अपने समवयस्क समूह के सक्रिय सदस्य बन जाते हैं?
उत्तर: (1) किशोरावस्था
व्याख्या: किशोर व्यक्ति अपने मित्रों एवं साथियों (Peer group) के साथ रहना अधिक पसंद करते हैं। किशोर जिस समूह का सदस्य होता है उसके प्रति वह बहुत वफादारी प्रदर्शित करता है।
प्रश्न 9. विकास को साकार करने वाले पर्यावरणीय कारक में निम्नलिखित में से किसके अलावा सभी शामिल हैं?
उत्तर: (3) शारीरिक सौष्ठव
व्याख्या: वंशानुगत एवं पर्यावरणीय कारक : संस्कृति, शिक्षा एवं पोषण की गुणवत्ता। विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। शारीरिक सौष्ठव वंशानुगत कारक है जो विकास को प्रभावित नहीं करता है।
प्रश्न 10. “विकास अनवरत प्रक्रिया है”, यह विचार संबंधित है-
उत्तर: (2) निरन्तरता का सिद्धान्त
व्याख्या: निरंतरता के सिद्धान्त के अनुसार विकास निरंतर जारी रहता है। शारीरिक और मानसिक गुणों का विकास धीरे-धीरे तब तक जारी रहता है। जब तक इन गुणों की वृद्धि अधिकतम तक न पहुँच जाए।
प्रश्न 11. बच्चों के भाषायी विकास का महत्वपूर्ण चरण कौन-सा होता है?
उत्तर: (3) किशोरावस्था
(नोट: पुस्तक की व्याख्या में क्रम संख्या (2) दी गई है, लेकिन उत्तरमाला में विकल्प (3) सही माना गया है। नीचे पुस्तक की व्याख्या दी गई है)
व्याख्या: भाषायी विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण चरण व रोना, तुतलाना, वर्णयुग्म एवं शब्दोचरण इसी चरण में संभव होते हैं।
प्रश्न 12. एल्बर्ट बैन्डूरा-
उत्तर: (3) स्वः नियमन सकारात्मक नैतिक विकास की कुंजी है।
व्याख्या: एल्बर्ट बैन्डूरा का मानना है कि नैतिक विकास को सामाजिक व संज्ञानात्मक कारकों के संयोजन विशेषकर उन कारकों जिनमें आत्म नियंत्रण शामिल है, विचार करके समझा जा सकता है।
प्रश्न 13. एक बालक की सिर से पैर की ओर विकास की दिशा ..... कहलाती है।
उत्तर: (1) सिफेलो-कॉडल
व्याख्या: इस विकास का अर्थ है Cephalo-Caudal जिसमें विकास क्रम लम्बवत् रूप में सिर से पैर की ओर होता है। सबसे पहले बालक अपने सिर और भुजाओं की गति पर नियंत्रण करना सीखता है, और उसके बाद टाँगों का इसके बाद वह अच्छी तरह बिना सहारे खड़ा होना और चलना सीखता है।
प्रश्न 14. प्रारंभिक शिशु देखभाल एवं शिक्षा को कहा जाता है :
उत्तर: (2) ECCE
व्याख्या: ECCE अर्थात् एलिमेंटरी चाइल्ड केयर एण्ड एजुकेशन वस्तुतः पूर्व बाल्यावस्था की शिक्षा है जो प्राथमिक शिक्षा का पूर्ववर्ती संस्करण एवं आधार है। प्रारंभिक शिशु देखभाल एवं शिक्षा : (ECCE) की सर्वोच्च प्राथमिकता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1986) में दी गई थी। अतः नयी शिक्षा नीति-1986 का यह आयाम बालस्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करता है।
प्रश्न 15. “किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है।”-यह कथन है :
उत्तर: (4) स्टेनली हॉल का
व्याख्या: किशोरावस्था तनाव (Stress) और तूफान (Storm) की अवस्था है। यह स्टेनली हाल नामक मनोवैज्ञानिक का कथन विश्वव्यापी चर्चा का विषय रहा है: “किशोरावस्था बड़े मानसिक तनाव, तूफान और विरोध की अवस्था है।”
प्रश्न 16. बाल्यावस्था को ‘संवेगात्मक विकास का अनोखा काल’ कहा है–
उत्तर: (1) ई. एल. थॉर्नडाइक
व्याख्या: बाल्यावस्था जिज्ञासा, अवलोकन और प्रयोग का काल होता है। इस अवस्था में बच्चा चलना, दौड़ना, कूदना और गेंद के खेलना सीखता है। इस अवस्था में ही बच्चा अच्छे और बुरे में अंतर करना शुरू कर देता है। इसे दल, टोली की उम्र के रूप में भी जाना जाता है। कोल तथा ब्रुश ने इस अवस्था को ‘संवेगात्मक विकास का अनोखा काल कहा है’।
प्रश्न 17. तीव्र शारीरिक विकास की अवस्था मानी जाती है–
उत्तर: (1) शैशवावस्था
व्याख्या: जन्म से 2 वर्ष तक शारीरिक विकास की गति अत्यन्त तीव्र रहती है। शैशवावस्था में शारीरिक विकास बहुत तेजी से होता है। बालक की तुलना में बालिकाओं में विकास अधिक शीघ्र होता है। इसे शैशवावस्था की पुनरावृत्ति माना जाता है।
प्रश्न 18. प्युबर्टी (Puberty) का तात्पर्य किस अवस्था से सम्बद्ध है?
उत्तर: (3) किशोरावस्था
व्याख्या: किशोरावस्था में यौवन आरंभ (Puberty) के लक्षण प्रकट होते हैं। यहीं किशोरावस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता कामइन्द्रियों की सक्रियता एवं परिपक्वता है।
प्रश्न 19. विकास का सम्बन्ध होता है–
उत्तर: (4) इनमें से सभी
व्याख्या: जिसमें नवीन क्षमताएँ प्रकट होती हैं। वृद्धि का संबंध शरीर के समस्त अंगों में आए परिवर्तनों के संगठन से है, जबकि विकास का संबंध मात्रात्मक व गुणात्मक दोनों से है।
प्रश्न 20. मानवीय विकास कुछ निश्चित सिद्धान्तों पर आधारित होता है। इनमें से कौन-सा सिद्धांत मानवीय विकास का नहीं है?
उत्तर: (3) प्रतिवर्ती
व्याख्या: मानव विकास में लोगों की स्वतंत्रता और अवसरों को विस्तृत करने और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की प्रक्रिया प्रतिवर्त्य व प्रतिवर्ती क्रिया तंत्रिका तंत्र जनित क्रिया है।
प्रश्न 21. अवधारणाओं का व्यवस्थित प्रदर्शन निम्न में से किन सिद्धांतों के विकास से संबंधित है?
उत्तर: (4) विकास अपेक्षाकृत व्यवस्थित है।
व्याख्या: व्यवस्थित अधिगम में तर्कशील अवधारणाओं जैसे 1+1=2 की अनुक्रमशीलता की संरचना सम्मिलित है। यह व्यवस्थित विकास की परिणति है।
प्रश्न 22. ब्लूम का वर्गीकरण श्रेणीबद्ध संगठन है–
उत्तर: (4) संज्ञानात्मक उद्देश्य
व्याख्या: यह तीन अनुक्रमिक नमूनों का समूह है जो कठिनता और विशिष्टता के स्तर पर शैक्षिक अधिगम उद्देश्यों का वर्गीकरण ज्ञान, कर्म एवं भाव पर आधारित है।
प्रश्न 23. डे केयर क्या है?
उत्तर: (2) बच्चों के लिए निवास केन्द्र
व्याख्या: डे केयर वह स्थान है जहाँ बच्चों की देखभाल किसी व्यक्ति द्वारा की जाती है जो उसका संवैधानिक अभिभावक नहीं है। आमतौर पर यहां पारिवारिक सदस्य नहीं होता।
प्रश्न 24. एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक ......... से विशेषताएँ पहुँचती हैं।
उत्तर: (1) आनुवंशिकता
व्याख्या: पीढ़ी दर पीढ़ी विशेषताओं का पाया जाना आनुवंशिकता कहलाता है।
प्रश्न 25. लिंगों की पारम्परिक भूमिका से तात्पर्य है–
उत्तर: (1) पुरुष कार्य करने के लिए बाहर जाता है और महिला घर संभालती है।
व्याख्या: आजकल, लिंग की सामूहिक भूमिका को ही बदलते दौर के कारण अपनाया जाने लगा है। लिंग की पारस्परिक भूमिका कार्य सहभागिता और श्रम विभाजन पर आधारित है।

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