सावधान: एक गलती और बैंक खाता खाली! जानिये 'APK फाइल' वाले नए साइबर फ्रॉड के बारे में - Madhya Pradesh Teachers News

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025

सावधान: एक गलती और बैंक खाता खाली! जानिये 'APK फाइल' वाले नए साइबर फ्रॉड के बारे में

 सावधान: एक गलती और बैंक खाता खाली! जानिये 'APK फाइल' वाले नए साइबर फ्रॉड के बारे में

​आज के डिजिटल युग में, हमारा स्मार्टफोन हमारी दुनिया बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, हम अपनी उंगलियों पर दुनिया नचाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यही उंगली अगर एक गलत लिंक पर क्लिक कर दे, तो आपकी जिंदगी भर की कमाई पल भर में गायब हो सकती है?

​जी हाँ, यह कोई कहानी नहीं बल्कि आज की कड़वी सच्चाई है। साइबर ठगों (Cyber Scammers) ने लूटने का एक बिल्कुल नया और खतरनाक तरीका निकाला है, जिसे पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स ने "APK स्कैम" का नाम दिया है। नीमच और देश के कई अन्य हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि कैसे एक छोटी सी फाइल डाउनलोड करते ही लोगों के फोन 'हैक' हो गए और उनके बैंक खाते खाली हो गए।

​इस आर्टिकल में हम बहुत ही सरल भाषा में समझेंगे कि यह ठगी क्या है, यह कैसे होती है, और आप इससे अपने परिवार को कैसे बचा सकते हैं।

​आखिर क्या है यह 'APK फाइल' स्कैम?

​सबसे पहले समझते हैं कि यह APK (एपीके) क्या बला है। जब आप अपने फोन में 'Google Play Store' से कोई ऐप (App) डाउनलोड करते हैं, तो वह सुरक्षित होता है। लेकिन, एंड्राइड फोन में एक सुविधा होती है कि आप बाहर से भी, यानी व्हाट्सएप या किसी वेबसाइट से भी ऐप की फाइल लेकर उसे फोन में डाल सकते हैं। इस फाइल का नाम .apk पर खत्म होता है।

​ठग इसी बात का फायदा उठाते हैं। वे Play Store पर नहीं, बल्कि सीधे आपके WhatsApp पर एक फाइल भेजते हैं। यह दिखने में कोई फोटो या वीडियो जैसी लग सकती है, लेकिन असल में यह एक जासूसी करने वाला ऐप होता है। जैसे ही आप इसे खोलते हैं, यह आपके फोन में छुपकर बैठ जाता है और आपका सारा कंट्रोल ठगों को दे देता है।

​ठग आपको कैसे फंसाते हैं? (ठगी के नए बहाने)

​साइबर अपराधी बहुत चालाक होते हैं। वे जानते हैं कि कोई अनजान फाइल डाउनलोड नहीं करेगा, इसलिए वे आपकी भावनाओं और जरूरतों का फायदा उठाते हैं। वे इन बहानों का इस्तेमाल कर रहे हैं:

1. शादी का डिजिटल कार्ड (Wedding Invitation):

आजकल शादियों का सीजन है। आपके व्हाट्सएप पर एक अनजान या कभी-कभी किसी हैक हुए जाने-पहचाने नंबर से मैसेज आता है- "सर/मैडम, यह मेरी बेटी की शादी का कार्ड है, कृपया इसे डाउनलोड करके देखें और आशीर्वाद दें।"

जैसे ही आप उस 'कार्ड' (जो असल में APK फाइल है) को डाउनलोड करते हैं, कार्ड तो शायद खुले न खुले, लेकिन आपका फोन हैक हो जाता है।

2. सस्ता लोन या लॉटरी का लालच:

"बधाई हो! आपका 5 लाख का लोन पास हो गया है" या "PM योजना के तहत आपको फ्री घर मिल रहा है।" ऐसे मैसेज के साथ एक लिंक या फाइल आती है। वे कहते हैं कि फॉर्म भरने के लिए यह ऐप डाउनलोड करें। लालच में आकर लोग क्लिक कर देते हैं।

3. बिजली बिल या पुलिस चालान का डर:

"आपका बिजली का कनेक्शन आज रात काट दिया जाएगा" या "आपकी गाड़ी का 2000 रुपये का चालान कटा है, फोटो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।" डर के मारे इंसान बिना सोचे-समझे उस फाइल को खोल लेता है।

​क्लिक करने के बाद क्या होता है? (पर्दे के पीछे का खेल)

​यही वह हिस्सा है जिसे समझना सबसे ज्यादा जरूरी है। जब आप उस APK फाइल को इंस्टॉल कर लेते हैं, तो आपको लगता है कि कुछ नहीं हुआ। शायद स्क्रीन पर एक एरर आ जाए या कुछ न दिखे। लेकिन बैकग्राउंड में (पर्दे के पीछे) तबाही शुरू हो चुकी होती है।

  1. रिमोट कंट्रोल (Remote Access): वह ऐप ठगों को आपके फोन का 'रिमोट' दे देता है। वे मीलों दूर बैठकर आपके फोन की स्क्रीन देख सकते हैं। वे देख सकते हैं कि आप क्या टाइप कर रहे हैं।
  2. SMS और OTP की चोरी: बैंक से पैसे निकालने के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) की जरूरत होती है। चूँकि ठगों का आपके फोन पर कब्जा है, वे आपके मैसेज बॉक्स में आने वाला OTP खुद पढ़ लेते हैं। आपको पता भी नहीं चलता और पैसे कट जाते हैं।
  3. संपर्कों (Contacts) की चोरी: वे आपके फोन में सेव सभी नंबर चुरा लेते हैं। फिर वे आपके दोस्तों और रिश्तेदारों को मैसेज करते हैं कि "मैं मुसीबत में हूँ, मुझे पैसे भेजो।" आपके दोस्त सोचते हैं कि आप मदद मांग रहे हैं, और वे ठगे जाते हैं।
  4. फोन हैंग होना: कई बार इस वायरस के कारण फोन बहुत धीमा हो जाता है या बार-बार हैंग होने लगता है।

​व्हाट्सएप पर दोहरा खतरा

​इस नए स्कैम में एक और खतरनाक बात सामने आई है। ये ठग आपके व्हाट्सएप को भी हैक कर लेते हैं। वे आपके व्हाट्सएप ग्रुप्स (जैसे परिवार का ग्रुप, ऑफिस का ग्रुप) में वही वायरस वाली फाइल भेज देते हैं। क्योंकि वह फाइल आपके नंबर से गई है, ग्रुप के लोग उस पर भरोसा कर लेते हैं और क्लिक कर देते हैं। इस तरह एक फोन से शुरू हुई यह बीमारी सैकड़ों फोन तक पहुँच जाती है।

​बचाव: अपनी सुरक्षा अपने हाथ

​पुलिस और साइबर सेल ने इसके लिए एडवाइजरी जारी की है। आपको बस इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना है, और आप पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे:

  1. Play Store के अलावा कुछ नहीं: अपने फोन में कसम खा लें कि कोई भी ऐप सिर्फ और सिर्फ 'Google Play Store' या iPhone है तो 'App Store' से ही डाउनलोड करेंगे। व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर आई किसी भी apk फाइल को इंस्टॉल न करें।
  2. अनजान नंबरों से सावधान: अगर किसी अनजान नंबर से कोई फाइल आए, तो उसे छुएं भी नहीं। उसे तुरंत डिलीट कर दें।
  3. जान-पहचान वालों की भी जाँच करें: अगर आपके भाई या दोस्त के नंबर से कोई अजीब सी लिंक या फाइल आए, तो उस पर क्लिक करने से पहले उन्हें कॉल करें। पूछें कि "क्या तुमने यह भेजा है?" अक्सर उनका फोन हैक हो चुका होता है और उन्हें पता भी नहीं होता कि उनके नंबर से आपको मैसेज गया है।
  4. सेटिंग्स में बदलाव करें: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर 'Install from unknown sources' (अनजान स्रोतों से इंस्टॉल) वाले ऑप्शन को हमेशा बंद (OFF) रखें।
  5. WhatsApp टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification): अपने व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाएं, 'Account' पर क्लिक करें और 'Two-step verification' चालू करें। इसमें एक 6 अंकों का पिन सेट करें। यह आपके व्हाट्सएप पर एक ताला लगा देता है जिसे कोई और नहीं खोल सकता।

​अगर गलती हो जाए तो क्या करें?

​इंसान गलतियों का पुतला है। अगर कभी गलती से आपने क्लिक कर दिया या आपको लग रहा है कि आपके साथ ठगी हो गई है, तो घबराएं नहीं, तुरंत ये कदम उठाएं:

  • 1930 पर कॉल करें: यह भारत सरकार का 'नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर' है। जितनी जल्दी आप इस पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएंगे, उतने ही ज्यादा चांस हैं कि आपके पैसे वापस मिल जाएं।
  • फोन का इंटरनेट बंद करें: जैसे ही आपको शक हो, फोन का डेटा और वाई-फाई तुरंत बंद कर दें। अगर हो सके तो फोन को 'फ्लाइट मोड' पर डाल दें या सिम निकाल दें। इससे ठगों का आपके फोन से संपर्क टूट जाएगा।
  • फोन को फॉर्मेट (Reset) करें: उस वायरस को हटाने का सबसे अच्छा तरीका है फोन को 'Factory Reset' करना। इससे आपका डेटा जाएगा, लेकिन फोन सुरक्षित हो जाएगा।
  • बैंक को सूचना दें: अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके अपना खाता और ATM कार्ड तुरंत ब्लॉक करवाएं।
  • नजदीकी पुलिस थाना: अपने पास के पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर लिखित शिकायत दें।

​निष्कर्ष

​तकनीक हमारी दोस्त है, लेकिन अगर हम लापरवाही करेंगे तो यह दुश्मन भी बन सकती है। "ठगों का नया हथियार, APK फाइल से वार"—इस बात को हमेशा याद रखें। मुफ्त की चीजों का लालच और डर, ये दो चीजें ही ठगों की ताकत हैं।

​जागरूक बनें और सुरक्षित रहें। यह जानकारी सिर्फ अपने तक सीमित न रखें, बल्कि इस आर्टिकल को अपने घर के बुजुर्गों, बच्चों और दोस्तों को भी पढ़कर सुनाएं या समझाएं। आपकी थोड़ी सी सतर्कता किसी की मेहनत की कमाई को लूटने से बचा सकती है।

याद रखें: अनजान लिंक पर 'क्लिक', मतलब खतरे को 'किक'!


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